मैं गीत नया गाता हूं
मैं गीत नया गाता हूं, ख्वाबों की उड़ान भरता हूं। स्वरों की मिठास से दिलों को भाता हूं। हमेशा सपनों से जीवन को संजोता हूं। प्रकृति की राग से राग मिलाता हूं। हर बीती रात में नए सपने बुनता हूं। अपनी हर एक गलती से नई सीख लेता हूं। जीवन के हर पहलू को, एक अलग नज़रिए से देखता हूं। संगीत के जहाज में उड़ता हूं। भावनाओं के सागर में लहराता हूं। हर बदलते वक्त के साथ, खुद का नया रूप देखता हूं। एक तालाब के पानी की तरह, शांत और ठहरा रहता हूं। एक बाज़ की तरह मैं, बादलों से ऊपर उड़ना चाहता हूं। ख्वाबों की उड़ान भरता हूं, मैं गीत नया गाता हूं।
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