कानक बाली
अहिके कानक बालीमे, बनल छै एगो प्रेमक घर, नयनक द्वार सँ झलकैय, प्रेमके अद्भुत सहर। झुमकेमे अहा सजेने छि,प्रेमके अनमोल निशानी, मनके आगाँ ठाढ़ केने छि, शाहजहाँके कहानी।
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