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-- जो रो रो कर जीत जाते थे, आज आसूं छुपाकर हार रहे हैं देखो ये कल के जिद्दी बच्चे आज सब कुछ स्वीकार रहे हैं, - तू छुप छुप अकेले यूं रोया न कर बहुत प्यारी है तेरी ये आँखें, इन आंखों को आंसुओं से भिगोया न कर यूं अकेले में वक्त गुजारा न कर जो सुन रही है तू एक अनकही सी बात हु मैं माना कहने को तो दूर हु मगर तेरी परछाई बन तेरे साथ हु मैं।
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