संघर्ष
जीवन संघर्षों का खेल है न इसे मेरा न तेरा कोई मोल है कल मैनें देखा और जाना सिर्फ मैं ही नही इससे परेशान हूँ न जाने कितनों को इसने चपेट में लिया है एक कबाड़ उठाने वाला व्यक्ति काली फटी कमीज पैंट कबाड़ की एक बड़ी सी बोरी जो उसकी जिम्मेदारियों को दर्शा रही थी कमीज के फटे हिस्से उसके बाप होने के किस्से सुना रहे थे एक बाप अपने बच्चों की अच्छी जिन्दगी देने के लिए किन-किन हालातों से गुजर जाता है इसलिए ऐ दोस्तों ये रिश्ता अनमोल है ये जीवन सिर्फ संघर्षों का खेल है न इसे मेरा न तेरा कोई मोल है।। मीरा सिंह
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