मुझे कहने की जरूरत क्या,
मुझे कहने की जरूरत क्या, ये बातें हैं अनकही, एक नजर की गहराई में, छिपा है प्यार इधर-उधर। खामोशी में भी सुनाई देते, दिल के धड़कने की राह, भावनाओं का आलम है, जो शब्दों से है परे। जब तुम पास होते हो, हवा में चुराई हैं खुशियाँ, तेरा हर जज़्बात कहता है, मुझे तेरा इन्तज़ार। वादियों में गूंजती है, तेरा नाम जैसे फिजाएं, बिन कहे ही समझता हूँ, तू है मेरा सच्चा यार। मुझे कहने की जरूरत क्या, जब दिल की बात समझी जाए, तेरे साथ की इस लम्हे में, सब कुछ खुद-ब-खुद बयां हो जाए।
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