हुनर
क्या खूब हमने हुनर सीखा है। की लाख दर्द सीने में दबा है।। फिर भी मजाल कि कोई चेहरा पढ़, सिकन की शिकायत कर दे।।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
क्या खूब हमने हुनर सीखा है। की लाख दर्द सीने में दबा है।। फिर भी मजाल कि कोई चेहरा पढ़, सिकन की शिकायत कर दे।।
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets