शिकायत
राहो से हे शिकायत तू मुझे उसके सामने लाती क्यु है। नजरो से हे शिकायत तु उनकी नजरो से नजर मिलाती क्यु है। दिल से हे शिकायत उनको देखकर मुस्कुराता क्यु है। उनसे हे शिकायत आप मेरे सामने आते क्यु है। भगवान से हे शिकायत क्यू उनको मेरे नशिब में लिखा नही है। जींदगी से हे शिकायत हसीं के पल क्यू ले जाती हैं। मौत से हे शिकायत तू मुझे गलेसे लगाती नही है। सबसे क्या शिकायत करु कोई मेरा सुनता नही है।
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