बरदास्त
बरदास्त ======================== बरदास्त तेरी हर हरकत, ये नादान मेरे प्यारे दोस्त, संभल तो जा जरा, फीजुल मे वरदत क्यु चाहता. बहोत जिंदगी भरी पडी है, जीले आराम से जरा, बीवी, बच्चे, और आपनो के साथ. क्यु कयामत से ऑंख मीलाना चाहता , थोडा और जीले जरा, मौत तौ आनी है, मौत से पहले क्यु...... जिंदगी गवाना चाहता. ये वादा रहा मुकाबला सामने से होगा, तेरे जैसी आदत कहा, जाने कीस गली से तु........!. अभी बरदास्त है शयद तु....., ऊस सीमा के बाहर ना जा, ऊस के सीमा बाहर ना जा. ===============÷==
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