पहला प्यार
कुछ अनजाना सा मुझमें ये एहसास क्यूं है जिंदगी की बंधी तुझसे हर सांस क्यूं है दिल जाने है कि तू नही है हमारा फिर भी तेरे मिलने का मुझको ये विश्वास क्यूं है तेरे लिए ही सजाए इन आंखों में सपने मुझे जाने क्यूं वहीं लगते हैं अपने जबसे तेरा दीवाना ये दिल हो गया था ये मासूम लगा था तेरा ही नाम जपने तेरी हर अदा का सलीका है प्यारा मुस्कुराहट जो देखूं दिन बन जाए मेरा सारा तेरी आंखों की जो इक कशिश है निराली सूरत भी तो है तेरी बहुत भोली भाली याद था मुझको तेरी सूरत का इक नजारा वक्त जिसके भरोसे मैंने सारा गुज़ारा यार दीदार तेरा इन आंखों में हुआ जो जानें बेवजह क्यूं गया मैं दिल से हारा तेरी सादगी मेरे इस मन को लुभा गई तेरी हर हंसी मेरे दिल को हंसा गई तेरे साथ मेरा जो हर पल है बीता होता हूं जब उदास फिर से उन पलों को हूं जीता जो तेरे होने का कराते हैं एहसास मुझको याद आए न आए ए जान मेरी तुझको इस जन्म में तो शायद तू मेरी किस्मत में नहीं है अगले जन्म में मांगता हुं उस खुदा से तुझको साथ तेरा गर मुझे मिल जाए मेरे हमदम खुशी हो या गम चलें हम साथ हर कदम ll
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