अंतिम सत्य
यात्रा जो आरंभ हुई वो था जन्म या अंत कोई वो सच में एक सितारा था या था माया ने जाल बुना वह ढूंढ रहा था मंजिल को या भटक चुका था वो पथ को क्या चुन सकता था खुद को वो या उसका कोई बस ही नहीं वह खुश रहे या रहे दुखी वो रहे यहां या यहां नहीं वो यहां रहे या और कहीं पथ एक है या है और कोई उसे ज्ञान है या अनजान है वो या समझे मिथ्या को शान है वो नयन ,बहा के अश्रु को तुम क्यों दिलासा देते हो वो सच है या है झूठ कोई क्या वही मुक्ति या सार वही यात्रा जो आरंभ हुई उसे जन्म कहे या अंत कोई ?
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