कलम का जोर✍️✍️
बड़ी ख़ामोशी से देखा मैंने अपनी कलम का जोर ✍️✍️बयां कर देती हैँ दर्द सारे ना कोई आवाज ना कोई शोर ✍️चंद पन्नों पर उतरे ज़िन्दगी के किस्से ये किस्से हैँ मेरे दर्द के कुछ हिस्से😔😔 ऐ कलम!✍️ तन्हाई मे सिर्फ तू ही है साथ कोई सुनता नहीं मेरी ख़ामोशी का शोर 🤗 बड़ी ख़ामोशी से देखा मैंने अपनी कलम का जोर ✍️✍️
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