मैं क्या हूं?
मुझे समझना हर किसी के बस कि बात नहीं है,, मुझे समझने के लिए एक बहुत ही नेक और सरीफ नरम दिल वाला इंसान का होना आवश्यक है,, जो शायद ईश्वर मेरे लिए इस पृथ्वी पे भेजना भूल गये,, या होगा तो शायद अभी वो वक्त नहीं आया ,, मै वो हूं एक सुबह कि खूबसूरत ओस सी बिखरी मोती जिसे देख के हृदय में एक शान्ती और सुकून का अहसास हो ,, सूरज कि उगती लालिमा सी आसमान में बिक्री ,, एक नया सवेरा नयी उम्मीद का दिया जलाएं ख्वाबों में सजाएं मैं ये हूं ! Janvi ki kalam se ✍️✍️✍️✍️✍️🧑⚕️
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