सूरज /चांद
अपने प्यार के लिए झुकना पड़े तो झुक जाना !! क्योंकि अक्सर उगता हुआ सूरज भी ढल जाया करता है चांद के लिए "।❤️ ❤️ . (लेखक - पं मधुसूदन उप्रेती )😊
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