जिंदगी
कभी खुद के खातिर जीते थे, अब देश के लिए मरना सीख गए ... मजधारो में कफन बांध कर लोग उतरना सीख गए, कल तक जुगनू भी हमको धमका देते पर अब, सूरज से भी आंख मिलाकर बातें करना सीख गए....
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