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वो अब भी खयालों में बसता है, हर पल साथ सा लगता है, बिन उसके जिक्र के, हर दिन अधूरा सा लगता है। उसकी यादों में इस कदर खो गई हूं, खुद को भूलकर बस उसी की हो गई हूं। ये आंखें अब भी उसकी आहट को तरसती हैं, हर साया जैसे उसकी छवि रचती है। दिल में बसता है वो, ख्वाबों में आता है, मगर अफसोस... नजर कभी नहीं आता है।
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