रास्ते
चलते चलते! कुछ रास्ते युही ही मिल जाते है, पता नही कब हम उस मोड़ पे चले जाते है। आधे दूर चलते ही वह रास्ता लंबा और डरवाना हो जाता है, लेकिन चलते चलते न जाने कब उस राह को ही हम अपना बना लेते है। -Ashü
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