आजीबसी सोच
आजीबसी सोच ================== यहा दिल्ली से लेकर गल्ली तक, लाखो लडकियो पर आयेदीन रेप होते, कुछ सामने आते है, तो कुछ बिना आवाज के ही...., दुनिया के डर से दीलमे ही दफन होते है. थोडी देर कॅंडल मार्च, निषेध, से लेकर कुछ कानुन बनते, बडीबडी बातें......., और सब शांत. यही यहा की रीती है, कोई कहता लडकीया कपडे कम पहणती है, तो कोई कुछ....., आजीबसी दलील देकर स्टार बण जाता है. लेकीन एक सवाल जहन मे.... , रेप तो दो साल की बच्ची पर भी होते है, क्या ईस ऊमर मे भी वो .... अब साडी पहने. दोस्तो सोच आपनी बदलो, जाहा से आते हो, उसे क्यु ? हावस बनते हो, आपने आजीब सोचको थोडा बदल डालो, आपने आजीब सोचको थोडा बदल डालो. ==========================
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