हसरत
●●● मोहब्बत मेंअग़र दर्दो ग़म ना हो तो क्या है। ज़फ़ाओं के रंज़ ओ सितम ना हो तो क्या है।। वह नहीं है तो लगती है हर हसरत अधूरी । 'अयन' अब दिल धड़कता रहे भी तो क्या है।। ●●● ©deovrat 'अयन' 11.06.2025
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