"तेरी यादों का आसमान"
इस जनम में तू मुझे मिलेगी कभी नहीं, पर तेरी यादें… मेरी सांसों से अलग होंगी भी नहीं। एक किताब में अपनी मोहब्बत की दास्तान लिखूंगा। हर एक लम्हे को एक सुंदर कविता बनाऊंगा, उस किताब के पहले पन्ने पर, मैं हमारी पहली मुलाक़ात का मौसम लिखूंगा— तेरी हंसी को चमकता हुआ चाँद, तेरी आंखों को मखमली रात लिखूंगा। मैं अपने हिस्से की धूल बन जाऊंगा, पर तुझे अनंत आसमान लिखूंगा। मैं टूटा हुआ… बिखरा हुआ रहूंगा, और तुझे अपना पूरा जहान लिखूंगा। तेरे जाने के बाद भी, तेरे नाम की ख़ुशबू को अपनी सांसों में बसाए रखूंगा। हर आंसू में तेरा चेहरा ढूंढूंगा, हर खामोशी में तेरा नाम पुकारूंगा। मेरी तन्हाइयों के रेगिस्तान में, तेरी यादों का समंदर बहता रहेगा। मैं रेत की तरह हाथों से फिसलता रहूंगा, पर तुझे मोती की तरह सीने में रखूंगा। तेरी हंसी की गूंज में ही जी लूंगा, तेरे दर्द को भी अपना नसीब मान लूंगा। तू चाहे किसी और के आसमान में चांद बन जाए, मैं फिर भी तुझे अपने चाँद का नाम दूंगा।
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
