वैभव सूर्यवंशी
ये एक बिहारी। सब पर है भारी।। वैभव ललकारा। जग में जयकारा।। ऐसा है खेला। दुश्मन को रेला।। ये नाच नचाया। बल्ला चमकाया।। ये खेला औचक। पूरा जग भौंचक।। 7 चौका 11 छक्का। सब हक्का बक्का।। 101यह रन की पारी। मन मोहक न्यारी।। ये एक बिहारी। सब पर है भारी।। नरेंद्र सिंह,28.09.2025
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