लगन
वो जिस तारीख को उसका लग्न हो रहा था ,, मैं वहीं कमरे में बैठा रो रहा था ... इतना तबाह कर लिया था खुद को कि मुकद्दर भी मुझे देख कर रो रहा था ...
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
वो जिस तारीख को उसका लग्न हो रहा था ,, मैं वहीं कमरे में बैठा रो रहा था ... इतना तबाह कर लिया था खुद को कि मुकद्दर भी मुझे देख कर रो रहा था ...
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets