उसी गली में
फिर लूंगा जन्म कही , किसी गली में जिऊंगा जिंदगी खुले के उसी गली में । चार दोस्त भी होंगे , जो हसेंगे मेरी हसी में इस बार से सिख लेकर , फिर हसूंगा उस गली में। तो क्या हुआ , इस बार हार गया इस खेल में , अगली बार ,कुछ तो कर जाऊंगा जीवन के इस मेल में । फिर लूंगा जन्म कही , किसी गली में , कुछ गलतियां से लेकर सबक , फिर जिऊंगा जिंदगी खुल के उसी गली में ।।
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