एक बदलाव
एक बदलाव ------------------------------ एक बदलाव तो लाना जरुरी है, पुरा देश ना सही......!, एक पलटण को तो, थोडी समज देनीही है. जीस समाज मे हम रहते है, वहा नारी की बहोत इज्जत है. बाद बार तुम देश का नाम बदनाम, करने पे क्यु उतारु है. कभी भर सभा मे द्रोपदीजीकी इज्जत, नीलाम करते हो, तो कभी, सीतामाॅं को , जबरन ऊठाके, क्यु ऊठाईगीरीके काम करते हो. बार बार अपराध का दंड, समज मे नही आता क्या......, क्या तुम्हारेलिये.........., कुछ और सोचकर,... ऑन द सपाट कुछ करणा होगा, ऑन द सपाट कुछ करणा होगा. =======================
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