अंजान
नजर के सामने रहकर अंजान लगते है। आखों के सामने होकर बात नहीं होती। दिल के करीब रहकर मुलाकात नहीं होती। होटों पे मुस्कान रहें चाँद की तरह। तेरी जिंदगी जगमगाये आसमान कि तरहा। तेरे रास्ते पर जो गम है, वो मुझे दे जाये। मेरी सारी खुशियाँ तेरे पास आजायें । लगे लंबी उम्र लगे मेरी भी, तेरी सारी बला मुझपे आ जायें। तु हसे तो सुबह हो जाये, तु नाराज रहे तो अंधेरा छा जाये। तेरी जिंदगी खिले गुलाब जैसी। तेरी एक खुशी लिए कांटे भी क़ुबूल है। जिंदगी जि ना तो छोड़, तेरे लिए मौत भी हासिल हैं। भगवान करे मेरी मौत,तेरे सामने हो। तुझे हँसता देख मेरी मौत हो जाये।
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