सोच।
*जमाना क्या सोचेगा* ये मत सोचो क्योंकि जमाना बहुत *अजीब* है *नाकामयाब* लोगों का *मज़ाक* उड़ाता है… और *कामयाब* लोगों से *जलता* है… 💯🔥
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