कुण्डलिया (राम नाम जपें)
सीता राम सभी जपें , मन में रखकर तोष, राम बगैर मुक्ति नहीं , आएगा कब होश। आएगा कब होश,विलम्ब तनिक न कीजिए, मन में लाकर जोश,राम नाम जप लीजिए। अब पछताना छोड़, जो समय यूँ ही बीता, डोर राम से जोड़, संग में माता सीता। नरेंद्र सिंह
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