गझल : मेरी लाडली बेटी हो
मेरी प्यारी गुड़िया मै तेरी प्रशंसा करता हूं तेरी हर बात का यादगार बनके चलता हूं तुम चकोर सबसे मेरी लाडली बेटी हो तेरी खुशियों से संसार बनके चलता हूं तेरी एक झलक से सारी खुशियां शामिल है तेरी एक राखी से भाई बनके चलता हूं तुझे देखकर मेरी नयन भर आती है चकोर मेरी प्यारी बेटी मै कभी पिता बनके चलता हूं मासूम तेरा चेहरा मेरी मायी बनके आयी है तेरे चेहरे का मै मुस्कान बनके चलता हूं ये राखी का बंधन चकोर निभाता रहूंगा पिता का फर्ज अदाकर बनके चलता हूं हर वक्त मे तेरा बेटी साथ देकर चलूंगा ये पिता का वादा है मीठा बनके चलता हूं धनराज नथू बाविस्कर मो.९०१६०३१७१२
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