उम्र
उसने कहा कि तुम गरीब हो रोज पैसा कमाने जाते हो देखो तो मेरा ठाठ तुम बिन कमाई के मेरा मुस्कान तुम। सीखना हो गर खुश रहना तो हमसे सीख लो निश्छलता निडरता देखो आनंदित रहना सीख लो। अब क्या कहूँ उससे कभी हम भी अमीर थे दुनिया का सबसे खुश इंसान कभी अपनी दुनिया में मशगूल थे। तुम्हें क्या पता कि उम्र बढ़ने पर क्या होता है जिम्मेदारियों और शौक़ का संघर्ष क्या होता है अभी बचपन है तो जी लो जी भरकर आज तुम उम्र व संघर्ष बढ़ेगा तब समझेगी मेरा अह्सास तुम। दुश्वारियां उम्र के साथ आती है कठिनाइयां जैसे बढ़ती जाती है हर उम्र के पड़ाव पर अलग कठिनाइयां होती है सबका अपना अलग आनंद और खुशी होती है।
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