"इतिहास दिलेरों का"
सीना तान के जो चलते हैं, सच के दीप जो जलते हैं, हर आँधी से टकरा जाएं, वे ही इतिहास में पलते हैं। जो डर से पीछे हटते हैं, जो झूठ से नज़रें चुराते, नाम नहीं उन डल्लों का, बस भीड़ में खो से जाते। गलत को जब तुम गलत कहो, सच के साथ कदम बढ़ाओ, चाहे अकेले रह जाओ तुम, पर हिम्मत मत डगमगाओ। इतिहास वही बनाते हैं, जो हक़ की आवाज़ उठाते, जो अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े हों, वो ही असली 'शेर' कहलाते!
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