तुम करो ना करो
✍️ ईश्वर ढकाल तुम करो ना करो, मैं हमेशा तुमसे ही प्यार करता रहूँगा… तुम बात करो या ख़ामोश रहो, मैं हर लम्हा तुम्हें महसूस करता रहूँगा। तुम साथ चलो या रास्ता बदल लो, मैं उसी मोड़ पर तुम्हारा इंतज़ार करता रहूँगा। तुम मेरी क़दर करो या नज़रअंदाज़ कर दो, मेरे दिल की आदत नहीं बदल पाएगी। तुम किसी और की हो जाओ फिर भी, ये साँसें तुम्हारा ही नाम दोहराएगी। मैंने प्यार शर्तों पर नहीं किया, ना ही बदले में कुछ माँगा है। तुम्हारी खुशी जहाँ भी हो, मैंने वहीं खुद को हारा है। रातें रोकर गुज़र जाएँ तो क्या, आँखें थक जाएँ तो क्या, तुम्हारा नाम मेरे होंठों पर रहे, बस इतना सा हक़ काफी है। तुम समझो या कभी समझ न पाओ, मेरी मोहब्बत कम न होगी। तुम दूर रहो या बेहद पास, मेरी चाहत कभी ख़ामोश न होगी। तुम करो ना करो, मैं हमेशा तुमसे ही प्यार करता रहूँगा… टूट कर भी, चुप रहकर भी, सिर्फ़ तुम्हारा ही रहूँगा।
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