अहसास
इश्क क्या है , क्या बात है तुम क्या जानो वो भीगे तकिये की गुजरी रात तुम क्या जानो पढ़ोगे किताब तुम दुनिया की महज चंद दिनों वो लिखे हजारों खतों के ज़ज्बात तुम क्या जानो तुम्हारे लिए मिलना देखना या बाते करना इश्क है बिना मिले वो हाथों में महसूस होते हाथ तुम क्या जानो
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