वीधि ओर विधान
विधी और विधान ===================== विधी के आलावा यहा कुछ नही पता, विधान तो हमारी खाली मगजमारी , " मै "का कुछ महत्त्व नही, याहा कर्म सही तो सब सही. बहुत कुछ जानकर भी , जो यहा आनंजान , सृष्टिकर्ता होकर भी, है याहा आदुरष्य. जो जान गया वो पहचान गया, यहा शापित कृष्ण भी, आपने कुल का नाश बचा न पाया, विधाता होकर भी हार गया. विधि हो या विधान, कुल और सील जो बचा पाया वो याहा छा गया, बाकी तो चालाखीयो से, भगवान भी यहा विधाता होकर हार गया. =================≠========
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