शब्द-बाण
शब्दों का भाव है मूल्य पर न जाओ आसमान पर चढ़े हो धरा पर आओ| शब्द कठोर, मृदु ,मार्मिक है शब्द वो, जो धार्मिक है| शब्द अपने आप में सहज, सरल है भाव जाने तो समझ न जाने तो नासमझ शब्द क्या है ,शब्द चंचलता का तीर है जो शब्दों में हो विशेष वो ही तो साहित्य वीर है| अगर देनी किसी को मात हो, तो व्यक्ति शब्दों से शांत हो|
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