" सफ़र और मंजिल "
मुझे पता है, मुझे कहाँ जाना है, पर ये राह जिस पर मैं चल रहा हूँ। न जाने ये मुझे कहाँ ले जाएगी, बस मुस्कुराकर हर पल निभा रहा हूँ। मंजिल की तलाश में सफ़र मेरा जारी है, जिन्दगी के हर मोड़ पर l एक कहानी हमारी है, मस्ती में जी रहा हूँ ये लम्हें सुनहरे l ख़्वाबों में बस्ती ये रोशनी प्यारी है,
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