दिल कह रहा हैं,,,
ना जानें क्यों, आज आसमान में उड़ने का दिल कर रहा हैं, अपने आपसे मिलने का जी कर रहा है, खुली हवा में सास लेने का मन कर रहा है, समंदर किनारे बैठकर, लहरों की आवाज सुने को मन कह रहा है, आज अपने आपसे मिलने का दिल कर रहा है, आज आसमान में उड़ने का दिल कर रहा हैं, पहाड़ों की ठंडी ठंडी हवाओं को, महसूस करने का दिल कर रहा हैं, मुझे आज आसमान में उड़ने का दिल कर रहा हैं, पहाड़ों की खूबसूरती में खो जाने को दिल कह रहा है, मुझे तो आसमान में उड़ने का दिल कर रहा है। _TRIRA (TRIRASHMI)
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
