जीजेजेजीवी
क्या दुनिया है यार मुझे लगा इस दुनिया में कुछ तो बदला होगा पर नही सब वही है आज भी चार महिला चुगली कर एक औरत के चरित्र को गिरा हुआ बताती है पुरुष का क्या है वो तो जायेगा जब महिला ही आधे अधूर अरे वाह ये बोल कर हवस के पुजारी को बेगुनाह बताती है अपना घर संभलता नही और दुसरो के घरों की चिंगारी को पूरी दुनिया में आग है बोल कर फैलती है कितनो के साथ सोती है कहकर उसे घटिया का ताज पहनती है अरे खुद का क्या खुद शादी को लाइसेंस समझ रोज पति के साथ सो जाती है अरे ये क्या बोल दिया अब जमाना दोनो तरह के सोने मे अंतर भी बताएगा जिस्म बेचना और शादी के नाम पर नंगे नाचने में बहुत फर्क है बताएगा। कमाल है ये दुनिया कदम कदम पर पुरषों को सही बताएगी टूटा घर किसी का तो महिला को दोषी बताएगी। पुरष गंदी नजर से देखे तो महिला को सर झुका कर चलने का फरमान जारी कर दिया जाता है क्यों कोई इज्जत और तमीज का पाठ उसे नही पढ़।ता है सब महिला जानती है एक विवाहित पुरुष होटल में ले जा कर एक कुंवारी लड़की से संबंध बनाता है जमाना बात करता है वफादारी की बताओ ये पुरुष कितनी वफा निभाता है महिला बगावत करे तो सबको नज़र आता है पुरष के गलत होने के बावजूद भी उसे गलत नहीं बताया जाता है। किस समाज का हम हिस्सा है जहां सती प्रथा सही देहज़ प्रथा सही और बाल विवाह का ये डंका बजाता है कुछ भी हो ये समाज चुप महिला को ही करता है आवाज उठाई परिवार और पति के खिलाफ तो घटिय
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