दिखावा भक्ति
क्या भगवान हमें कभी कुछ दे सकता है ? जवाब है नहीं । भगवान ना सुख दे सकता है, ना शांति, ना समृद्धि, ना पैसा। जो बोया है वही काटा जाता है। भगवान भगवान होकर खुद के दुखों को नहीं मिटा सके, तुम्हें लगता है तुम्हारे दुखों को मिटाएंगे? इतनी नौटंकी और दिखावा किस काम का? मुझे तो लोगों का विचार आता है, अगरबत्ती पहले जलाना है, या कपूर इस पर विवाद हो जाता है। भगवान के फोटो को दूध से साफ करें या दही से इस पर विवाद हो जाता है। भगवान भी हंसता होगा कि इंसान कितना मूर्ख है। आज का इंसान भगवान के लिए मनोरंजन का माध्यम बन चुका है। और यही सच्चाई है।
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