गम
तेरे पास लौट आने को टूटा दिल हर दिन चहे, लेकिन नफ्रत तेरी ,मेरी उमीद कि दीप निभाए । कभी लगता वो दिन वापस लाना चाहती है तु , लेकिन बीते यादें फिर मुझे तेरे गम मे रुलाए |
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
तेरे पास लौट आने को टूटा दिल हर दिन चहे, लेकिन नफ्रत तेरी ,मेरी उमीद कि दीप निभाए । कभी लगता वो दिन वापस लाना चाहती है तु , लेकिन बीते यादें फिर मुझे तेरे गम मे रुलाए |
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets