तड़ित छंद
मापनी- 122-222-22, 1212-1212 शीर्षक--विकास है कमाल का मिली है आज़ादी जबसे, विकास का कमाल है। हुई उन्नति भारत की अब, प्रशंसनीय हाल है।। जहाँ देखें हर कोने में, प्रगति प्रसार खास है। बढ़ी आमदनी जनता की, यहाँ बहुत विकास है।। नया भारत बलशाली है, विकास का कमाल है। यहाँ की औजारों का अब, विदेश में धमाल है।। पड़ोसी दुश्मन डरता है,रफाल जो बवाल है। यहाँ की भारी ताकत से,वहाँ खराब हाल है।। नरेंद्र सिंह
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