हमसफ़र कि गुजारिश
"उसने कहा " तुमे वो पहले जैसी बात नहीं रही "मैंने कहा" जिंदगी में तेरा साथ नहीं। "उसने कहा" क्या अब भी किसी भी आखों में डूब जाती हो, "मैंने कहा " अब किसी भी आखों में वो बात नहीं। "उसने कहा " क्यू तुटकर चाहा मुझे, 'मैंने कहा " इंसान हु कोई पथर नही। "उसने कहा " कि बेवफा हूँ मैं, "मैंने कहा " वफा कि मुझे तलाश नहीं। "उसने कहा " कि भुल जाये मुझे, "मैंने कहा " तुम हकिकत हो ,ख्वाब नहीं। "उसने कहा " ये सिर्फ प्रेम ही तो है, "मैंने कहा " हा तो मजाक नही ।
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