स्त्री की क्रूरता
आखिर क्यों हो गयी स्त्री इतनी क्रूर? ऐसी भी क्या रहती है मजबूरी जो करने लगी वो निर्मम हत्याएँ कोखजनी औलाद को फेंक रही कचरे मे, तो कहीं नाले मे क्रूरता की हदें पार करती हुई स्त्री जहर देकर ले रही पति की जान या जान लेकर काट रही टुकड़ो मे ऐसे भी कोई होता है मजबूर? आखिर क्यों हो गयी स्त्री इतनी क्रूर?
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