प्यारी बिंदी स्वर्णिम ललाट पर
मेरी बच्ची की बिंदी नन्ही सी ललाट पर, एक बिंदी की चमक, जैसे तारों का मंडल, या चाँद की किरण। मासूमियत से भरी, उसकी आँखें बोलतीं, जैसे कोई कहानी, अनमोल मोती। जब वो बिंदी लगाती है, शर्माती है यूँ, जैसे फूल की कली, खिलती है धीरे से। उसकी हँसी में है, संगीत की लहर, जैसे कोई गीत, गाता है मन में। मेरी बच्ची की बिंदी, है मेरी पहचान, मेरी ममता का प्रतीक, मेरी जान। _प्रिया तिवारी (प्रियु) ❤️
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