💞हाल -ए -दिल
क्या बयाँ करूँ मै अपना 💞हाल -ए -दिल बड़ी कश्मकश मे चल रही है ज़िन्दगी आजकल🤔🤔 खुद को ही समझ ना आये हालात अपने😒😒 दिल मे रह गयी कुछ हसरतें, कुछ मुकम्मल ना हुए सपने 😔 थक जाता है इंसान कभी हालातों से, अपनों की नाराजगी से, उनके लिए खुद को खो देने से इंसान ख्वाहिशों के आसमान मे उड़ता एक परिंदा है 😒😒 उम्मीदों से घायल, और उम्मीदों पर ही ज़िंदा है ए दिल तू संभल जा जरा, गुजरी यादों के भंवर से निकल जा जरा 💞 मत रो अपनों की चाह मे, प्यार की आह मे छोड़ गए तुझे तेरे अपने तू अब भी खड़ा उसी राह मे 🥺😒🤗
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