दिल का रास्ता
खिलखिलाती नेक झोंक में गुजरते लम्हे रोज की खासियत बन गए। गिरकर संभालना और एक दूसरे का सहारा बनना बदन की आदत में समा गए। एक पल में हंसना और फिर रूठ कर रो देना इन्हीं बदलती मौसमों में जिंदगी खूबसूरत बन गई।
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