मेरे मन की आवाज़
साथियों, प्रेमपूर्वक प्रणाम और जय सियाराम। 🙏 सुबह के चार बजने वाले हैं, यह ब्रह्म मुहूर्त का समय है। हृदय में कुछ भावनाएं जागृत हुईं, कुछ सत्य लिखने की इच्छा हुई। वर्तमान चिंतन यह है कि आपने लोगों ने आपको नींबू की तरह उपयोग किया, केवल आवश्यकता भर ही इस्तेमाल किया! ऐसे समय को क्या कहेंगे, जो केवल स्वार्थ के लिए याद करता है! यह दुखद है कि सभी ने तुम्हें मंजिल तक पहुंचने के लिए उपयोग किया, परंतु खुशी यह है कि दुनिया तुम्हें किस दृष्टि से देखती है। दुनिया की सोच से कभी मत घबराना। यदि कुछ उत्कृष्ट करना है, तो उसे करने का संकल्प दोहराना। अपने सपने को अपना मानकर उसे पूरा करना। जो तुम्हें बुरा कहे, उसे भी अच्छा समझना... r̤a̤j̤e̤s̤h̤b̤h̤o̤j̤w̤a̤l̤a̤m̤e̤t̤h̤i̤@g̤m̤a̤i̤l̤.c̤o̤m̤ @R̲B̲h̲o̲j̲w̲a̲l̲A̲m̲e̲t̲h̲i̲ 9̲9̲1̲8̲5̲3̲9̲6̲8̲9̲🇼 9455436689📞
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