कैसे न होता !
मेरा इरादा नहीं था अब किसी और से प्यार करने का मगर एक आम इंसान मिला तो प्यार कैसे न होता ये तो सभी कहते हैं की मैं अलग हूं बाकी सबसे पर उसने कहा "जैसा भी हूं तेरा हूं" तो प्यार कैसे न होता दो चेहरे रखने वाले दौर में उसके दिल में जो है वही उसकी ज़ुबान पर है तो प्यार कैसे न होता बदनाम करने वाले दौर में वो अपने दोस्तों से तक मेरा नाम छुपाए बैठा है तो प्यार कैसे न होता Affairs छुपाने वाले दौर में वो अपना अगला पिछला सब मुझे बताए बैठा है तो प्यार कैसे न होता शक करने वालों के दौर में वो मुझसे ज़्यादा मुझ पर भरोसा किए बैठा है तो प्यार कैसे न होता बांध कर रखने वाले दौर में वो मुझे ख़ुद नई सोच के पंख दिए बैठा है तो प्यार कैसे न होता गलतियां निकालने वाले दौर में जिसे में खुद नही भूल पा रही वो मेरे अतीत को भुलाए बैठा है तो प्यार कैसे न होता @teri_kavita
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