चम्मचों की परिभाषा
करे दरबारी, बजाबे गाल मूर्ख बनाकर, खींचे माल मुंह पर करे झूठी प्रशंसा कहे उसको सबसे अच्छा पिछलग्गू रह,बनकर दलाल जिसे न जमीर का रहे ख्याल करे चुगली और जो भरे कान चम्मचों की है असली पहचान। नरेंद्र सिंह 13.12.2023
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