हुनर
उसका एक हुनर मुझे बहुत भाता है हर बार दिल में वो उतर जाता है इतराता है थोड़ा सा नखरे भी दिखाता है उसका यही अंदाज देख के बार बार उसपे दिल आता है अजीब सी बात है कैसे कोई अजनबी इतना बेचैन कर जाता है उसका यही आखें निची करके मुस्काना नजरे मिलाके नजरें चुराना उसका यही हुनर मुझे बहुत भाता है
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