उसकी याद आई है
सर्द रातों में वो खो जाना उसकी बातों में यादों के पहाड़ों को अपने साथ लाई है उसकी याद आई है.. उसकी हंसी को देखने की तड़प फिर बातों ही बातों में होती थी झड़प आज मानो गमों की सौगात आई है उसकी याद आई है.. अब वो पल कहां से लाऊं जिसमे उसे मैं अपने पास पाता था लड़ाई,झगड़े,रूठना मानना चलता रहता था आज तो जैसे घिर कर यादों की बरसात आई है उसकी याद आई है हां उसकी याद आई है ।। ✍️ सौरभ
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