उत्तम धन्यवाद
मन वचन या कर्म से पहुंचाया हो दुख तो मांगते उत्तम छमा है.. एक विनय सार है इसमें गर्भित हो समझे तो बहुत कुछ रमा है... पर उनका क्या जो रहे हर सुख दुख में साथ है... संभाला है हर जगह, बने हमारी ढाल, भटके तो पकड़ा हाथ है... रहे मन वचन कर्म से जो साथ उनकी भी अलग बात है.. वो भी तो है एक एहसास के हकदार आखिर जो इतने खास है.. फिर करते है एक नई शुरुआत क्योंकि वो है प्रथम वाकी सब अपवाद है.... ऐसे उत्तम लोगो को आज एक उत्तम धन्यवाद है... #DEEPAK_ MISHRA #COPYRIGHT_RESERVED
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